इटावा : जिले में आठ साल बाद फरवरी का पहला दिन सबसे गर्म दिन रहा। शनिवार को दोपहर के समय तापमान 25 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जो सामान्य तापमान से तीन डिग्री अधिक है। इससे पहले वर्ष 2016 में एक फरवरी को जिले का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज किया गया था।
शनिवार सुबह से ही मौसम में गर्माहट महसूस की गई, जिससे ऐसा लगा कि ठंड का प्रभाव कम हो गया है। जनवरी के प्रारंभिक 15 दिन बीत जाने के बाद तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जो प्रचंड गर्मी के संकेत दे रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि गर्मी के कारण नमी कम होने से फसलों को अधिक सिंचाई की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे न केवल फसलों की पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा, बल्कि किसानों पर सिंचाई का अतिरिक्त खर्च भी बढ़ेगा।
बीते आठ सालों में एक फरवरी का औसत तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है, लेकिन इस वर्ष एक फरवरी का तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल फरवरी माह में अचानक गर्मी बढ़ने की पूरी संभावना है। शनिवार को सुबह के समय तापमान 14 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में वृद्धि हुई और दोपहर तीन बजे यह 25 डिग्री को पार कर गया।
किसानों ने बताया कि गर्मी बढ़ने से रबी फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों की पैदावार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से मौसम के अनुसार फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई का प्रबंध करें। साथ ही, मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
