नगला चौप गांव में शनिवार को वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को जंगल में आग से होने वाले खतरों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में वन दरोगा विशुनपाल सिंह चौहान ने बताया कि जंगलों में बीड़ी-सिगरेट का अनुचित तरीके से निपटान वन्य जीवों और वन संपदा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जंगलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें और आग लगने की घटना के बारे में तुरंत वन विभाग को सूचित करें।

इसके अलावा, वन रक्षक धर्मेंद्र कुमार और आशुतोष सिंह ने भी अपने संबोधन में गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता जताई और इस पर नियंत्रण पाने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल में आग से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों को अपनाने की अपील की।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जंगलों में आग की घटनाओं से बचाव करना और वन्य जीवों तथा वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
