सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के तहत गांव के मजदूरों को रोजगार देने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन इटावा जिले में इसका क्रियान्वयन धीमी गति से हो रहा है। इस समय जिले की 130 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कोई काम नहीं हो रहा है। जिले में कुल 469 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 341 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम चल रहा है, जबकि 130 ग्राम पंचायतों में काम ठप पड़ा हुआ है।
मनरेगा के अंतर्गत मुख्य रूप से गांव में निर्माण कार्य कराए जाते हैं, जिसमें अधिकांश कच्चे कार्य होते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि गांव में कामकाज चले और मनरेगा जॉब कार्ड धारक मजदूरों को उनके गांव में ही रोजगार मिल सके। हालांकि, जिले में अब तक कुछ ग्राम पंचायतों में काम की गति बहुत धीमी है।
इस वर्ष बरसात के मौसम में मनरेगा के काम में कमी आई थी, जो अब भी जारी है। इस समय जिन ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम चल रहा है, वहां लगभग 9,705 मजदूर काम कर रहे हैं। हालांकि, मजदूरों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती और बढ़ती रहती है।
