इटावा। महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने सोमवार को जिले के प्राथमिक विद्यालय कांधनी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में बच्चों को बिना जूते-मोजे और स्वेटर पहने देखकर बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) से नाराजगी व्यक्त की। अपर्णा यादव ने पूछा कि बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए जरूरी वस्त्र क्यों नहीं दिए गए, तो बीएसए से पता चला कि अभिभावकों के खाते में यह धनराशि भेजी जा चुकी है।
इसके बाद महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने बीएसए को सख्त निर्देश दिए कि वह जल्द से जल्द अभिभावक मीटिंग आयोजित करें और बच्चों को जूते, मोजे और स्वेटर पहनने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यह बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अपर्णा यादव ने इस दौरान कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर बहुत संवेदनशील है और अफसरों की जिम्मेदारी है कि सरकार की छवि किसी भी कीमत पर खराब न हो। बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने इस पर अपनी सहमति जताई और कहा कि वह जल्द ही अभिभावक मीटिंग आयोजित कर बच्चों को फुल ड्रेस पहनने के लिए प्रेरित करेंगे।
इसी दौरान, अपर्णा यादव ने महिला जिला अस्पताल के एसएनसीयू (सिकल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का भी औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने भर्ती नवजात शिशुओं के बारे में जानकारी ली और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की।
