उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई ने फिजियोथेरेपी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस शैक्षणिक सहयोग के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान, कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा नवाचार आधारित पहलों को बढ़ावा देंगे। इस साझेदारी से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों को आधुनिक फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास विज्ञान की उन्नत तकनीकों और नवीनतम शोध कार्यों का लाभ प्राप्त होगा।
यूपीयूएमएस प्रशासन के अनुसार यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान, अनुभव और संसाधनों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा, जिससे फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक वातावरण में सीखने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
इस अवसर पर यूपीयूएमएस के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक साझेदारियां गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और बेहतर रोगी पुनर्वास सेवाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सहयोग स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यूपीयूएमएस और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बीच यह साझेदारी भविष्य में अनेक महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों और नवाचारों का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार होगा।
