इटावा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सिविल लाइंस शाखा पर संस्था के संस्थापक ब्रहमा बाबा का 56वां स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्मा बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय व्यक्तित्व और कृतित्व की चर्चा की गई।
केंद्र प्रभारी बीके नीलम बहन ने इस अवसर पर ब्रह्मा बाबा के जीवन के प्रेरणादायक पहलुओं पर प्रकाश डाला और बताया कि उन्होंने अपनी जीवन यात्रा में विपुल धन और संपत्ति को समर्पित कर दिव्य कार्यों की शुरुआत की। बीके नीलम बहन ने कहा कि ब्रह्मा बाबा, जो पहले दादा लेखराज के नाम से जाने जाते थे, ने परमात्मा की प्रेरणा से इस कार्य को पूरा किया और समाज को एक नया दिशा दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर आरके अग्रवाल ने भी ब्रह्मा बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ब्रह्मा बाबा ने एक गृहस्थ जीवन से ऊपर उठकर मनोविकारों पर विजय पाई और अपने जीवन को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया, जो आज भी अनुकरणीय है।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी जेति बहन ने भी विश्व शांति दिवस के अवसर पर दिनचर्या की अहमियत को बताया और इस दिन के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि शांति और सकारात्मकता का प्रसार हर व्यक्ति के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे हर रोज़ की दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
