इटावा। भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं नगर पालिका परिषद के सभासद शरद बाजपेयी ने जनता के आवास पर लगने वाले गृहकर और जलकर में अप्रत्याशित वृद्धि, व्यापारियों पर नाम परिवर्तन/नामांतरण शुल्क, मरम्मत शुल्क और किराए में की गई अत्यधिक बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में नगर पालिका ईओ को एक पत्र सौंपा।
शरद बाजपेयी ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ अपनी मनमानी कर रहे हैं और सभासदों की राय की अनदेखी करते हुए जन-विरोधी और व्यापारी-विरोधी प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “बिना सभासदों की सहमति के इस तरह के निर्णय लिया जाना अनुचित है। मैंने इस प्रस्ताव पर बोर्ड बैठक में भी विरोध जताया था और अब पुनर्विचार के लिए ईओ को पत्र सौंपा है।”
भाजपा नेता ने बताया कि इस प्रस्ताव के तहत जनता के आवास पर लगने वाले गृहकर और जलकर को 20% से अधिक बढ़ाने की योजना बनाई गई है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सुझाव दिया कि नगर पालिका की आय बढ़ाने के लिए उन मकानों को दर्ज किया जाए जो अभी तक नगर पालिका में पंजीकृत नहीं हैं। इससे न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि जनता पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा।
शरद बाजपेयी ने दुकानों के नामांतरण शुल्क को 500 रुपए प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति वर्ग फुट करने, मरम्मत शुल्क को 3100 रुपए से बढ़ाकर 21000 रुपए करने और दुकानों के पुनर्निर्माण के लिए 1 लाख रुपए शुल्क लगाने का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा, “यह निर्णय दुकानदारों और व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। सभी प्रस्ताव सभासदों की आम राय से पास किए जाने चाहिए। बिना सहमति के इस तरह की वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।”
इसके अलावा, शरद बाजपेयी ने कराहन पुल के पास मछली की दुकान के बगल और पीछे की जमीन के आवंटन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि यह जमीन किसे, कब और किस प्रक्रिया के तहत आवंटित की गई है? उन्होंने ईओ से इस संबंध में पूरी जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।
