जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 14 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र) चिन्हित किए गए हैं। इनमें बकेवर, इकदिल, फ्रेंड्स कॉलोनी, सिविल लाइन, जसवंतनगर, बसरेहर, सैफई तथा ऊसराहार क्षेत्रों के कई प्रमुख स्थान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं परिवहन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर इन स्थलों की स्थिति का परीक्षण करने तथा प्रत्येक दुर्घटना संभावित क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाकर स्पष्ट रूप से “सावधान! यह दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र है” अंकित कराने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा में बताया गया कि मई 2025 की तुलना में मई 2026 में दुर्घटनाओं की संख्या 57 से घटकर 54 हो गई है तथा घायलों की संख्या भी 54 से घटकर 35 रह गई है। हालांकि मृतकों की संख्या 30 से बढ़कर 36 होने पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त की और जनहानि रोकने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने निर्देश दिए कि भारी एवं व्यावसायिक वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं तथा संबंधित स्थानों पर साइनेज और होल्डिंग लगाए जाएं। उन्होंने परिवहन विभाग की बसों में बढ़ रही जहरीखुरानी की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त करते हुए यात्रियों को जागरूक करने और बसों में चेतावनी संदेश प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बसरेहर मार्ग को अत्यधिक दुर्घटना संभावित बताते हुए वहां स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर जोर दिया। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्कूल एवं कॉलेजों के आसपास शराब संबंधी विज्ञापनों और साइनेज पर रोक लगाने, अवैध बस स्टैंडों का संचालन बंद कराने, सड़क पर स्टंटबाजी करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाने तथा बिना नंबर प्लेट वाले डंपर एवं भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा टोल प्लाजाओं पर सड़क सुरक्षा जागरूकता संदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए ऑडियो सिस्टम स्थापित करने, ओवरस्पीडिंग के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने, स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच सुनिश्चित करने, अतिक्रमण हटाने, खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराने तथा आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने एआरएम को निर्देशित किया कि शहर के अंदर अनावश्यक रूप से बसों का प्रवेश न होने दिया जाए तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
