ऊसराहार में बिजली संकट: रातभर सवा घंटे सप्लाई से जनता बेहाल

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ऊसराहार। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की अघोषित और आपात कटौती ने आम जनता की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। बुधवार रात बिजली की आंख-मिचौली के कारण ऊसराहार सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग पूरी रात जागने को मजबूर रहे। उमस, गर्मी और मच्छरों के आतंक के बीच लोगों की नींद हराम हो गई। स्थिति यह रही कि पूरी रात में उपभोक्ताओं को मात्र सवा घंटे बिजली ही नसीब हो सकी।

ऊसराहार, भरतपुर, पुरैला, सरसईनावर, बदकन, शाहपुर, ताखा और सुतियानी सहित कई गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली कटौती भी बढ़ती जा रही है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों के अनुसार बुधवार रात लोग सोने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक बिजली गुल हो गई। लंबे इंतजार के बाद रात करीब 12 बजे सप्लाई बहाल हुई, लेकिन लोग चैन की सांस भी नहीं ले पाए थे कि लगभग आधे घंटे बाद फिर बिजली चली गई। इसके बाद पूरी रात अंधेरे और उमस में बीती। सुबह करीब पौने पांच बजे बिजली आई, लेकिन मात्र 45 मिनट बाद साढ़े पांच बजे फिर आपूर्ति बाधित हो गई। पूरी रात में दो बार मिली बिजली को मिलाकर कुल लगभग सवा घंटे की ही सप्लाई मिल सकी।

बिजली न होने से लोग हाथ के पंखों के सहारे रात गुजारते रहे, जबकि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने हालात और भी बदतर कर दिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

व्यापारियों और किसानों में रोष

बिजली संकट को लेकर स्थानीय व्यापारियों और किसान संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। व्यापार मंडल अध्यक्ष रवि चक्रवर्ती और अनिल कौशल ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से बाजार और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। दुकानों और प्रतिष्ठानों का कामकाज बाधित होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

वहीं भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली न मिलने से किसान और उनके परिवार गंभीर संकट झेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो किसान और व्यापारी संगठन संयुक्त रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

विभाग ने बताई आपात कटौती की वजह

इस संबंध में अवर अभियंता सतेंद्र कुमार ने बताया कि बढ़ती गर्मी और विद्युत भार में वृद्धि के कारण आपात कटौती की जा रही है। इसी कारण रात में बिजली आपूर्ति बाधित रही। उन्होंने कहा कि विभाग व्यवस्था को जल्द सुचारु करने के प्रयास कर रहा है और उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

हालांकि क्षेत्रीय जनता का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में लगातार हो रही बिजली कटौती ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है

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