उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए फार्माकोविजिलेंस विषय पर संवेदनशीलता एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों (Adverse Drug Reactions) की पहचान, निगरानी और रिपोर्टिंग के प्रति जागरूक बनाना था।

प्रशिक्षण सत्र का संचालन फार्माकोलॉजी विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ. रघुलराजा ने किया। यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशा पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को फार्माकोविजिलेंस की महत्ता, दवा प्रतिकूल प्रभावों की समयबद्ध रिपोर्टिंग तथा रोगी सुरक्षा में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे उनकी रिपोर्टिंग प्रक्रिया संबंधी समझ और कौशल में वृद्धि हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की सटीक एवं समय पर रिपोर्टिंग से मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यूपीयूएमएस सैफई रोगी सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य के तहत समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की दक्षता बढ़े और मरीजों को सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
