उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सैफई के कर्मचारियों एवं आमजन के लिए हैंड्स-ऑन सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लोगों में जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने की क्षमता विकसित करना था।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता वाले सीपीआर की प्रक्रिया का मैनिकिन (डमी मॉडल) पर लाइव प्रदर्शन करके विस्तार से समझाया गया। साथ ही दम घुटने (चोकिंग) और डूबने जैसी आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार एवं जीवन बचाने के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी भी दी गई।
एनेस्थीसियोलॉजी विभाग के फैकल्टी सदस्यों और रेजिडेंट डॉक्टरों की निगरानी में प्रतिभागियों ने स्वयं सीपीआर का अभ्यास किया। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें हृदय गति रुकने जैसी गंभीर परिस्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देने और मरीज की जान बचाने के लिए आवश्यक कौशल सिखाए गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ आपातकालीन चिकित्सा सहायता के प्रति लोगों को सक्षम बनाते हैं। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
