इटावा। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के प्रदेश सह प्रभारी आकाशदीप जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद में संयम बरतने की अपील का असर देशभर के लाखों सर्राफा कारोबारियों पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर इब्जा गंभीरता से विचार कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार से चर्चा भी की जाएगी।
आकाशदीप जैन ने बताया कि एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने सर्राफा कारोबारियों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार के आंदोलन या बंदी का समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी व्यापारियों को संयम के साथ अपना नियमित व्यापार पहले की तरह जारी रखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने केवल संयम बरतने की बात कही है, न कि दुकानें बंद करने या ग्राहकों को सोना न बेचने की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सोने की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना कम है, लेकिन यदि आर्थिक हालात बिगड़ते हैं और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है तो सरकार आयात शुल्क बढ़ाने, आयात नियम सख्त करने, बड़े लेन-देन पर रोक लगाने अथवा जागरूकता अभियान चलाने जैसे कदम उठा सकती है।
आकाशदीप जैन ने कहा कि भारत में उपयोग होने वाला अधिकांश सोना आयात किया जाता है, जिससे डॉलर का आउटफ्लो बढ़ता है और व्यापार घाटा भी प्रभावित होता है। ऐसे में यदि सरकार सख्त कदम उठाती है तो इसका सीधा असर सर्राफा कारोबार से जुड़े लाखों व्यापारियों, कारीगरों एवं कर्मचारियों पर पड़ेगा और उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सभी कारोबारियों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि ग्राहक समझदार हैं और बाजार को संतुलित बनाए रखने के लिए सभी को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।
