इटावा। विकास खण्ड बढ़पुरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुनवारा स्थित गौशाला एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय का गुरुवार को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी इटावा एवं सहायक विकास अधिकारी (आई.एस.बी.) मौके पर उपस्थित रहे। निरीक्षण में गौशाला और विद्यालय दोनों स्थानों पर कई कमियां सामने आईं, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान गौशाला में केयर टेकर उपस्थित मिला तथा परिसर में सीसीटीवी कैमरे स्थापित पाए गए। हालांकि लगभग 20 कुन्तल भूसा ही उपलब्ध मिला, जो मासिक खपत की तुलना में अपर्याप्त पाया गया। इस पर ग्राम पंचायत सचिव को पर्याप्त मात्रा में भूसा भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बताया कि गौवंशों के लिए हरा चारा सप्ताह में एक बार बसरेहर से मंगवाया जाता है।
गौशाला का टीन शेड जर्जर अवस्था में मिला, जिसे शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। वहीं नांदों में गंदगी और गोबर भरा होने पर नाराजगी जताई गई तथा नियमित साफ-सफाई एवं नांदों के उच्चीकरण के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने गौवंशों को भूसा, दाना और हरा चारा व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
निरीक्षण में गौशाला परिसर में वृक्षों की संख्या कम पाई गई, जिस पर अधिक वृक्षारोपण कराने तथा भूसा भंडारण के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण या विस्तार कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बायोगैस संयंत्र बंद मिला, जिसे मरम्मत कर जल्द चालू कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इसके बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय सुनवारा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सभी शिक्षक उपस्थित मिले, जबकि अनुचर अनुपस्थित पाया गया। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की कमी और शैक्षणिक सामग्री अव्यवस्थित मिली। विद्यालय में कुल 40 छात्र पंजीकृत पाए गए, जिनमें कक्षा-5 में मात्र 14 छात्र दर्ज थे। छात्र उपस्थिति भी कम पाई गई।

निरीक्षण के दौरान कई छात्र बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय पहुंचे थे। छात्रों ने बताया कि यूनिफॉर्म धुली न होने के कारण वे निर्धारित पोशाक में नहीं आ सके। विद्यालय प्रशासन को नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, सामग्री व्यवस्थित रखने तथा छात्र नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने अभिभावकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने, सभी छात्रों को यूनिफॉर्म में विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने तथा शिक्षकों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था एवं अनुशासन बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
खण्ड विकास अधिकारी बढ़पुरा एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि निरीक्षण से संबंधित अनुपालन आख्या एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
