भरथना- कस्बा अन्तर्गत भरथना रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब अत्यधिक भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच दो महिलाएं चलती ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच जा गिरीं। घटना के बाद स्टेशन पर चीख पुकार के बीच अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में हड़कम्प मच गया।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 64588 टूंडला-कानपुर पैसेंजर के प्लेटफार्म नंबर 2 पर पहुंचते ही यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान ट्रेन में चढ़ने और उतरने की होड़ में अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए। धक्का-मुक्की के बीच 74 वर्षीय जशोदा देवी और 45 वर्षीय आशा देवी संतुलन खो बैठीं और ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच गिर पड़ीं। घटना को देख मौके पर मौजूद यात्रियों ने शोर मचाया, जिसके बाद ट्रेन को तत्काल रुकवाया गया। रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच रेलवे ट्रैक पर फंसी दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान दोनों महिलाएं चोटिल हो गईं, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।
बताया गया कि फिरोजाबाद की लेवर कॉलोनी निवासी आशा देवी (35) अपने परिवार बड़ी बहन सुधा (50), भांजी अंशिका (24) और भांजी के पति विवेक (28) के साथ फिरोजाबाद से पखनगोई, उमरैन जा रही थीं। उन्हें भरथना स्टेशन पर उतरना था, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण उतरने के दौरान ट्रेन चलने लगी और धक्का-मुक्की में हादसा हो गया। वहीं उन्नाव के शुक्लागंज निवासी जशोदा देवी (74 वर्ष) अपने रिश्तेदार राजकुमार (67 वर्ष) के साथ नंदपुरा, बकेवर से भरथना स्टेशन आई थीं और कानपुर जाने के लिए ट्रेन में सवार होने वाली थीं। इसी दौरान वह भी भीड़ की चपेट में आ गईं। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन मौके पर पहुंचा और दोनों घायलों को एंबुलेंस की मदद से भरथना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
