अमेरिकी मुद्रा के इतिहास में एक बड़ा और युगांतरकारी बदलाव सामने आया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि अब डॉलर के नोटों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर अंकित किए जाएंगे।
यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब किसी वर्तमान (सिटिंग) राष्ट्रपति के हस्ताक्षर देश की आधिकारिक करेंसी पर दिखाई देंगे। अब तक यह परंपरा रही है कि डॉलर के नोटों पर ‘यूनाइटेड स्टेट्स के ट्रेजरर’ (Treasurer) के हस्ताक्षर होते थे।
इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1861 में तत्कालीन राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के समय से हुई थी, जो अब तक लगातार जारी रही। लेकिन अब इस ऐतिहासिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए ट्रेजरर के हस्ताक्षर की जगह राष्ट्रपति के हस्ताक्षर को शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
यह परिवर्तन अमेरिका की स्वतंत्रता के 250वें वर्ष (सेमिक्विन्सेंटेनियल) के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। इस कदम को देश के ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव न केवल अमेरिकी करेंसी की पहचान में बड़ा परिवर्तन लाएगा, बल्कि इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर भी माना जाएगा। हालांकि, इस निर्णय को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस भी तेज होने की संभावना है।
