नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने आज महान समाजवादी नेता और चिंतक राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने डॉ. लोहिया को एक बहुआयामी व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद भारत की प्रगति में भी अहम योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “डॉ. राम मनोहर लोहिया जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वे एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लोगों को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके बाद वर्ष 1947 के पश्चात भारत की प्रगति में योगदान दिया।”
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. लोहिया एक असाधारण विचारक और सामाजिक न्याय की प्रमुख आवाज़ों में से एक थे। गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी कई पीढ़ियों को प्रेरित करती है।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि लैंगिक समानता और सहभागी शासन को लेकर डॉ. लोहिया के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।
देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर डॉ. लोहिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके विचारों को याद किया गया।
