इटावा के मस्जिद पंजाबियान कटरा शहाब ख़ां में होली के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जुमे की नमाज़ का समय परिवर्तित कर 2:00 बजे निर्धारित किया गया। यह निर्णय उन मस्जिदों पर लागू होगा, जहां आमतौर पर जुमे की नमाज़ 12:30 बजे या उससे पहले होती है। बैठक में जमीयत उलेमा हिंद इटावा के जिला अध्यक्ष मौलाना तारिक शम्सी ने सभी मुतवल्लियों और इमामों से इस समय परिवर्तन का पालन करने की अपील की।
मौलाना तारिक शम्सी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को रमजान के इस पवित्र महीने में रोजा रखकर और अन्य नेक कार्यों से अल्लाह को प्रसन्न करना चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि जुमे के दिन अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और यदि कोई शरारती तत्व रंग डालकर रोजे को खराब करने की कोशिश करे, तो संयम बरतें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें। उन्होंने जोर देकर कहा कि रमजान का मूल संदेश सब्र और संयम है, और इसी पर अमल करके अल्लाह को प्रसन्न किया जा सकता है।
मौलाना शम्सी ने आगे कहा कि यदि कोई शरारती तत्व ऐसी कोई हरकत करता है जिससे शांति भंग होने का खतरा हो, तो तुरंत संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाए। उन्होंने सभी समुदाय के सदस्यों से अपील की कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और क्षेत्र में शांति बनाए रखें।
इस बैठक में कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक नेताओं ने भाग लिया, जिनमें मौलाना जाहिद रजा, हाफिज मोहम्मद अहमद चिश्ती, मौलाना अब्दुल वाजिद अशरफी, पूर्व अध्यक्ष फुरकान अहमद खान, मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी, हाजी साजिद हुसैन वारसी, खादिम अब्बास, मौलाना फुरकान रजा, हाफिज इरफान अहमद चिश्ती, मसूद तैमूरी और चांद मंसूरी शामिल थे।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होली और रमजान के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखना था। सभी नेताओं ने समुदाय के सदस्यों से सहयोग और समझदारी बरतने की अपील की, ताकि दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। साथ ही, जनता से अनुरोध किया गया कि किसी भी अफवाह या उकसावे में न आएं और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
