रौनक अशरफी इटावी के मकान पर नमाज-ए-तरावी और शबीने का एहतमाम किया गया। इस मौके पर हाफिज मुहीउद्दीन ने कलाम-ए-पाक सुनाया, जो मुकम्मल हुआ। इस मुबारक मौके पर मीलाद-ए-मुस्तफा की महफिल भी आयोजित की गई।

महफिल की सदारत हज़रत मौलाना अब्दुल वाजिद अशरफी ने की, जबकि महमान-ए-ख़ुसूसी के रूप में मो. काशिफ, पुलिस चौकी इंचार्ज, पुराना शहर, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नदीम अहमद एड ने किया। हाफिज कैफ रज़ा, कारी उमर बरकाती, हाशिम नईमी, हाफिज सरफराज कादरी, मौलाना फुरकान रज़ा और कामरान अशरफी ने कलाम पेश किए।

हाजी मुईनुद्दीन अशरफी गुड्डू मसूरी, हाजी अज़ीम वारसी, कासिम बाबा, मुन्ना अब्बासी, फरहान शकील ने आए हुए सभी मेहमानों का गुलपोशी कर स्वागत किया। इस मौके पर मो. औसाफ, हाशिम मिर्जा, कारी सरफराज निजामी, सूफी अब्दुल सत्तार कमर, आरिफ खान, अमीन चिश्ती, हाफिज मोहम्मद अहमद अकबरी, हाजी हन्नान चाँद मंसूरी, इरफान राईनी, फैजान वारसी, वाई के शफी, हाजी रईस, मसरूर, गुड्डे तैमूरी, शानू ठेकेदार, शाहिद सिद्दीकी और अहमद अली वारसी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर आल इंडिया ओलमा मशाईख यूनिट ने हाफिज मुहीउद्दीन और मशहूर शायर इन्तखाब आलम अशरफी रौनक इटावी को सम्मानित किया।
