शहर की सड़कों पर अवैध ई-रिक्शों की बेतरतीब बढ़ती संख्या और नाबालिग चालकों की लापरवाही से लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। शहर में करीब 3,500 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं, लेकिन करीब 5,000 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनमें से 1,500 अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इन अवैध ई-रिक्शों का संचालन ज्यादातर नाबालिग कर रहे हैं। बिना लाइसेंस के तेज रफ्तार में चलने वाले ये वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। कई बार ई-रिक्शा पलटने से हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
बैट्री से चलने वाला यह हल्का वाहन बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का साधन बन चुका है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे नाबालिगों के हाथों में सौंप दिया है। कई नाबालिग चालक छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने और घर पहुंचाने का काम कर रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
ये ई-रिक्शा चालक बिना इंडिकेटर दिए अचानक वाहन मोड़ देते हैं और सवारियों के आवाज लगाने पर बीच सड़क पर ही ब्रेक लगा देते हैं। इससे पीछे और सामने से आने वाले वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। 30 किमी प्रति घंटे की गति सीमा होने के बावजूद कई ई-रिक्शे इससे भी तेज दौड़ाए जा रहे हैं।
