इमरान बेग -रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और मुस्लिम समाज पूरी आस्था और भक्ति के साथ इबादत में जुट गया है। रोज़ेदार दिनभर रोज़ा रखते हुए अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ अदा की जा रही है, वहीं घरों और मस्जिदों में रोज़ा अफ्तार का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
शहर की विभिन्न मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ शुरू हो गई है, जिसकी जानकारी राहत अक़ील और शावेज़ नक़वी ने दी। उन्होंने बताया कि जगह-जगह रोज़ेदारों के लिए अफ्तार की व्यवस्था की जा रही है। बाजारों में भी रमज़ान की रौनक देखने को मिल रही है। रोज़ेदारों ने सहरी और अफ्तार के लिए सिवई, बिस्कुट, दूध, दही, फल, खजूर, पापड़ आदि की जमकर खरीदारी की।

रमज़ान उल मुबारक वह पाक महीना है जिसमें कुरान नाज़िल हुआ और रोज़े फर्ज किए गए। यह महीना बरकतों और रहमतों से भरा होता है। ऐसा माना जाता है कि रमज़ान में अल्लाह नेकी और जन्नत के दरवाजे खोल देता है, जबकि गुनाहों और दोज़ख के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं।
रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसमें पूरे महीने अल्लाह की इबादत की जाती है। इस दौरान इंसान झूठ, फरेब, धोखे और गुनाह से दूर रहता है और पांच वक्त की नमाज़ अदा करता है। रमज़ान न केवल आत्मशुद्धि का महीना है, बल्कि इसमें रोज़ा रखने, रोज़ेदार की कद्र करने और उसका एहतिराम करने को भी अल्लाह की इबादत माना गया है। शहर में रमज़ान की रौनक देखते ही बन रही है। बाजार गुलजार हो गए हैं और हर तरफ इबादत और रहमतों का माहौल बना हुआ है।
