जिले में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी है, जिसका लक्ष्य 2.78 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन करना है। लेकिन अब तक केवल 39.32 फीसदी रजिस्ट्री ही पूरी हो पाई है और किसानों में इस प्रक्रिया में रुचि कम हो गई है।रजिस्ट्री में कमी का मुख्य कारण अभिलेखों में असमर्थता और नामों के अक्षरों में गड़बड़ी है, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया में अड़चने आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण कृषि विभाग और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े कर्मचारी परेशान हैं।
हालांकि, कृषि विभाग ने पूरी कोशिश की है, लेकिन प्रतिदिन केवल तीन से चार हजार रजिस्ट्री ही पूरी हो पा रही है। अब तक जिले में 1.09 लाख किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारी इस स्थिति को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा सके।
बकेवर। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री में आधार कार्ड और खतौनी में गड़बड़ी के कारण कई किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे किसान जन सेवा केंद्रों के कई चक्कर काटने के बावजूद अपनी रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं।
कस्बे के सुभाष नगर निवासी किसान अशोक कुमार शुक्ला ने बताया कि वह तीन बार जन सेवा केंद्र पर अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने गए, लेकिन उनके पिता के नाम में गड़बड़ी के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। इससे वह काफी परेशान हैं और बार-बार केंद्र का चक्कर काट रहे हैं।इस मुद्दे पर तहसीलदार भरथना राजकुमार सिंह ने बताया कि जिन किसानों के नाम में आधार कार्ड और खतौनी में गड़बड़ी है, उन्हें चाहिए कि वे अपने आधार की छायाप्रति के साथ तहसील में प्रार्थना पत्र दें। यदि नाम में गड़बड़ी है तो इसमें समय लग सकता है,
