महाकुंभ के अवसर पर वसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान का आयोजन हुआ, जिसके चलते प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई। इस भीड़ के कारण रविवार रात को प्रयागराज जाने वाली ट्रेनें खचाखच भरी हुई थीं, जिससे यात्रियों को चढ़ने में दिक्कतें आ रही थीं।

इटावा जंक्शन पर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी सतर्क नजर आए। पूछताछ के बाद यात्रियों के सामान की तलाशी ली गई और सुरक्षा जांच की गई। इसके अलावा, दिल्ली की ओर से आने वाली कालका, मुरी, महानंदा समेत सात ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया, जिससे प्रयागराज जाने वाले यात्री और परेशान हो गए।
रविवार रात आठ बजे के बाद संगम एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनें पूरी तरह से भरकर रवाना हुईं। इटावा जंक्शन से जाने वाले यात्रियों को आरक्षित टिकट की कमी के कारण जनरल टिकट पर ही सफर करना पड़ा। जब वे जनरल बोगी में चढ़े तो बोगी में भारी भीड़ देखकर उनके हाथ-पांव फूल गए।

कई यात्रियों को जनरल बोगी में जगह न मिलने पर स्लीपर बोगी में बमुश्किल से जगह मिली, लेकिन यहां भी स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं थी। स्लीपर बोगी भी जनरल डिब्बे की तरह भर चुकी थी। इस कारण कुछ यात्री सेल्ली और बाथरूम के पास खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हुए।
