पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. कैलाश चंद्र यादव (डीटीसी, सीबीएसई) ने सभी शिक्षकों और छात्रों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस दिन को ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की उपासना का विशेष दिन बताते हुए कहा कि मां सरस्वती की कृपा से ही विद्या, बुद्धि और कला में निखार आता है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और पढ़ाई में सफलता की कामना की।
बसंत पंचमी का पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के रूप में मनाया जाता है, जो ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस दिन को बसंत ऋतु के आगमन के रूप में भी मनाया जाता है, जब प्रकृति में नवीनता और हरियाली का संचार होता है। बसंत ऋतु के आगमन से वातावरण में सुख, समृद्धि और नयापन का अनुभव होता है।
डॉ. कैलाश चंद्र यादव ने अपने संबोधन में बसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा का विशेष दिन है। इस दिन विद्यार्थी अपनी किताबों, वाद्य यंत्रों और लेखन सामग्री को मां सरस्वती के चरणों में अर्पित कर उनसे विद्या, बुद्धि और सफलता की प्रार्थना करते हैं। इसके अतिरिक्त, इस दिन पूरे भारत में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
