इटावा मंगलवार शाम को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली के निजीकरण के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन में अधिशाषी अभियंता हनुमान प्रसाद मिश्रा, उपखंड अधिकारी पीयूष मौर्य, गगन अग्निहोत्री, आनंद पाल सहित कई कर्मचारी शामिल हुए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने पिछले एक सप्ताह से काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था। मंगलवार को विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कार्य समाप्ति के बाद अधीक्षण अभियंता कार्यालय से एकत्रित हुए और निजीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कैंडल मार्च शास्त्री चौराहा तक पहुंचा।
संघर्ष समिति के संयोजक विवेक कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि बिजली के निजीकरण को तुरंत रोका जाए, क्योंकि यह कदम कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया जारी रही, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
