इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, अशोक कुमार दुबे ने 18 साल पहले हुई लूट के मामले में छह आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वैदपुरा थाना क्षेत्र के गांव जहानाबाद निवासी रमेश चंद्र द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है।
रमेश चंद्र ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उनका ट्रैक्टर 13 नवंबर 2006 को चालक शिवमंगल उर्फ पप्पू लेकर जसवंतनगर क्षेत्र में गया था। 15 नवंबर को जसवंतनगर क्षेत्र के केवाला गांव के पूर्व प्रधान रामौतार ने फोन करके बताया कि ट्रैक्टर की ट्रॉली उनके गांव में खड़ी है। जब रमेश चंद्र ने वहां जाकर देखा, तो वह ट्रॉली उसकी ही थी। बाद में अखबारों में सूचना मिली कि मैनपुरी में एक अज्ञात शव मिला है। शव की शिनाख्त करने पर वह शव उसके चालक शिवमंगल का निकला, जिसे बदमाशों ने लूटकर हत्या कर दी और शव को फेंक दिया।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की और छानबीन के दौरान पंकज यादव (बहादुरपुर), अवनीश, कश्मीर (बरुआ किशनी), प्रहलाद उर्फ पप्पू उर्फ दशरथ नगला हिम्मत चौविया, मो. जाकिर (मोहल्ला नवाव कासगंज), और अकील (मक्का कालोनी फिरोजाबाद) के नाम सामने आए। पुलिस ने सभी आरोपियों से लूटी गई सामग्री बरामद की और उन्हें जेल भेज दिया।
पुलिस द्वारा मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए गए। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को सजा सुनाई, जो 18 साल पुरानी लूट और हत्या के मामले में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
