इटावा। बच्चों के आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट और त्रुटि सुधार को लेकर डाकघरों में इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जिन बच्चों की उम्र पांच साल से अधिक हो गई है, उनके आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही राशन कार्ड के लाभार्थियों के लिए ई–केवाईसी प्रक्रिया भी जारी है, जिसके चलते लोग डाकघरों के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि, स्लॉट्स की कमी के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
सर्दी के मौसम में लोग सुबह से ही डाकघर केंद्रों पर जमा हो जाते हैं, लेकिन सीमित स्लॉट्स की वजह से कई बार उन्हें बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ता है। लोग घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन उन्हें काम पूरा न होने के कारण मायूस होकर लौटना पड़ता है। इस स्थिति से लोग खासे परेशान हैं और उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं क्योंकि बायोमेट्रिक अपडेट के बिना उनके आधार कार्ड में होने वाली अन्य प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
शहर के प्रधान डाकघर समेत 15 उपडाकघरों में आधार कार्ड बनाने और उसमें संशोधन करने का काम चल रहा है, लेकिन यहां भी अधिक संख्या में आवेदनकर्ताओं के कारण काम में काफी देरी हो रही है। प्रधान डाकघर में तो सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं, जहां लोग बायोमेट्रिक अपडेट और आधार कार्ड में त्रुटियों को ठीक कराने के लिए इंतजार करते हैं। इन लोगों को कई बार लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद स्लॉट न मिलने के कारण निराशा का सामना करना पड़ता है।
डाकघर प्रशासन को इस बढ़ती भीड़ और लोगों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। अधिक से अधिक स्लॉट्स की व्यवस्था करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने से यह समस्या हल हो सकती है, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के अपने काम समय पर पूरा कर सकें।
