इटावा। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते जिले में इस प्रक्रिया की रफ्तार काफी धीमी है। बीते दो महीने में मात्र 5850 बुजुर्गों के कार्ड ही बनाए जा सके हैं, जबकि जिले में 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों की संख्या दो लाख से ज्यादा है।
जिले में कुल 7,51,445 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 4,08,213 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर माह में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी योजना में शामिल करने की घोषणा की थी, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। बुजुर्गों के कार्ड बनाने के मामले में इटावा जिले ने कानपुर मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त किया है, लेकिन धीमी प्रगति चिंता का विषय बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की इस सुस्ती से बुजुर्गों को योजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक बुजुर्गों को योजना का लाभ मिल सके। आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरल और तेज करने के लिए जन जागरूकता और विशेष शिविर आयोजित किए जाने चाहिए।
