त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच और सैंपलिंग के नाम पर छोटे व्यापारियों को कथित रूप से परेशान किए जाने के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष राजीव चन्देल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों के उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दीपावली सहित अन्य त्योहारों के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हलवाई, परचून, किराना और फुटकर दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की जांच एवं सैंपलिंग के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इससे छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
व्यापार सभा ने मांग की कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमानुसार होनी चाहिए। नियमों का पालन कर व्यापार करने वाले दुकानदारों को बेवजह परेशान न किया जाए। साथ ही सैंपलिंग के नाम पर कथित वसूली और उत्पीड़न की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में विशेष रूप से इटावा जनपद में सामने आ रही शिकायतों का उल्लेख करते हुए खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उचित निगरानी रखने की मांग की गई। व्यापार सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे व्यापारी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण में कारोबार करने का अवसर मिलना चाहिए।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता विकास गुप्ता विक्की, व्यापार सभा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल गुप्ता गीज़ा वाले, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के प्रदेश महासचिव आकाशदीप जैन, अनवार हुसैन राइन, राजीव यादव, अनिल सोनी, साजिद अली अशरफी, दिलशाद पहलवान, सुरेश चंद वर्मा, श्री कृष्णा यादव, ज्ञान सिंह तोमर, हर्ष भदौरिया, शाह खालिद, प्रिंस यादव, सर्वेश जोशी, सौरभ वर्मा, विकास वर्मा वीनू, जैनुल आब्दीन, जितेन्द्र सोनी, राम यादव, अयान अंसारी, शिवम सिंह, पूरन सिंह यादव, विकास चौहान और शारिक अंसारी सहित करीब आधा सैकड़ा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
