बकेवर:- महेवा विकास खंड के अन्तर्गत यमुना की तलहटी के ग्राम नवादा खुर्दकला में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में प्रथम दिन भागवत कथा का महत्व बताया गया। जिसे ग्रामीणों की उपस्थित में कथावाचक के द्वारा कथा को सुना गया।
कथा वाचक पं रामश्याम तिवारी ने पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है, जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। प. तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है।

यह परमहंसों की संहिता है, भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है। अधिक मास में इसके श्रवण का महत्व है। भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है। यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है। यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है।
इस मौके परीक्षित अनुराधा व कमलदीप तिवारी समेत आसपास क्षेत्र के कथाप्रेमियों के द्वारा कथा श्रवण करने का काम किया गया वहीं आयोजक उर्मिला तिवारी ने आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों से कथा का रसापान करने की अपील की है। कथा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक की जा रही है।
