मामले को लेकर किसानों ने केंद्र पर विरोध जताया और कंप्यूटर ऑपरेटर के सामने निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि गेहूं के बीज की एक बोरी का निर्धारित मूल्य 950 रुपये से 1000 रुपये के आसपास है, लेकिन केंद्र पर 1100 से लेकर 1200 रुपये तक वसूले जा रहे थे। किसानों ने जब इस अनियमितता का विरोध किया और मौके पर वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोप है कि कंप्यूटर ऑपरेटर केंद्र पर ताला लगाकर वहां से चला गया। इससे केंद्र पर मौजूद किसानों में नाराजगी और बढ़ गई।
किसान सुखवीर सिंह, नेकराम और अरविंद ने बताया कि उन्होंने राजकीय कृषि बीज भंडार सरसईनावर से गेहूं का बीज खरीदने के लिए पहले ही बुकिंग करा रखी थी। इसके बावजूद जब वे बीज लेने केंद्र पहुंचे तो उन्हें बीज उपलब्ध नहीं कराया गया और वापस लौटाया जाने लगा। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेंद्र शाक्य अपने परिचित लोगों को निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेकर बीज उपलब्ध करा रहा था, जबकि पहले से बुकिंग कराने वाले किसानों को टालमटोल कर वापस किया जा रहा था।
किसानों ने कहा कि सरकारी बीज केंद्र किसानों को राहत देने और उन्हें उचित मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए संचालित किए जाते हैं, लेकिन यहां किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेने का आरोप सामने आना गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की।
केंद्र पर मौजूद किसान सरदार सिंह निवासी दौलतपुर ने बताया कि उन्होंने गेहूं के बीज की पांच बोरियां खरीदी थीं, जिनके लिए उनसे प्रति बोरी 1100 रुपये की दर से भुगतान लिया गया। इस प्रकार पांच बोरियों पर निर्धारित कीमत से करीब एक हजार रुपये अधिक वसूले जाने का आरोप लगाया। वहीं दौलतपुर निवासी जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने तीन बोरी गेहूं का बीज खरीदा और उनसे भी प्रति बोरी 1100 रुपये लिए गए।
अन्य किसानों ने भी आरोप लगाया कि गेहूं के बीज की बोरी का सरकारी निर्धारित मूल्य 950 से 1000 रुपये के बीच होने के बावजूद केंद्र पर 1100 से 1200 रुपये तक वसूले जा रहे थे। किसानों का कहना था कि जब उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेंद्र शाक्य के सामने अधिक रुपये लेने का विरोध किया और पूरे मामले का वीडियो बनाना शुरू किया तो ऑपरेटर केंद्र पर ताला लगाकर मौके से गायब हो गया।
केंद्र पर किसानों के हंगामे और ऑपरेटर के चले जाने के बाद समथर के सहायक तकनीकी प्रबंधक हर्षित शुक्ला राजकीय कृषि बीज भंडार सरसईनावर पहुंचे। उन्होंने केंद्र को खुलवाया और किसानों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने गेहूं के बीज के लिए पहले से बुकिंग करा रखी है, उन्हें बीज का वितरण किया जा रहा है।
वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेंद्र शाक्य ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाने के लिए यह पूरा मामला तैयार किया गया है। उनका आरोप है कि किसान सरदार सिंह उनसे अलग से 40 किलोग्राम चना मांग रहे थे। चना देने से मना करने पर उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर जिला कृषि अधिकारी ओमकार सिंह तोमर ने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिलने पर मौके पर एडीओ कृषि को भेजकर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सरकारी बीज केंद्र पर निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेने और पहले से बुकिंग कराने वाले किसानों को बीज उपलब्ध न कराने के आरोपों ने कृषि विभाग की वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब किसानों को जांच के नतीजों और विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।
