भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- अखण्ड सौभाग्य की कामना व दाम्पत्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवाचौथ उत्सव बडे ही हर्षाेल्लास व उमंगतापूर्ण वातावरण में मनाया गया। पति की दीर्घायु के साथ पवित्र सुहाग की कुशलता की मनोकामना के लिए सुहागिनों ने पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर हाथों में मेंहदी समेत 16 श्रृंगार की साज-सज्जा के उपरान्त पूजन अर्चन किया।
हालांकि चन्द्रोदय के समय आसमान में घने बादल छाये रहने के कारण चन्द्रदर्शन बहुत ही कम सम्भव रहा। इसी बीच निर्जला उपवास रखीं सुहागिनों ने भगवान भोलेनाथ, श्रीकृष्ण आदि की तश्वीरों, मोबाइल आदि में चन्द्रदर्शन का प्रतीकात्मक स्वरूप मानकर पूजन अर्चन व भोग प्रसाद अर्पण किया व चन्द्रोदय की दिशा में अर्घ्य दिया। तदुपरान्त ईश्वर से सर्वकल्याण की कामना के साथ पति का तिलक वन्दन व जलपान करके बडे ही श्रद्धाभाव के साथ दाम्पत्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति प्रेम और समर्पण के पवित्र उत्सव करवाचौथ का निर्जला व्रत पूर्ण किया।
गुरूवार को अखण्ड सौभाग्य व दाम्पत्य जीवन के अटूट प्रेम का प्रतीक करवाचौथ के पावन पर्व को सुहागिनों ने बडे ही श्रद्धाभाव से हर्षाेल्लास व उमंगतापूर्ण माहौल में मनाया और अपने-अपने पति का तिलक वन्दन किया। पारस्परिक प्रेम के प्रतीक करवाचौथ की तैयारियों को लेकर महिलायें बीते करीब 4-5 दिन पहले से ही ब्यूटी पार्लरों, साडी सेण्टरों, श्रृंगार के प्रतिष्ठानों आदि से खरीददारी में उत्साहित होकर व्यस्त थीं। फोटो- पूजन अर्चन के लिए तैयार सुहागिन व सपत्नी प्रसन्नचित्त मुद्रा में दम्पत्ति।
