जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन में यातायात माह नवंबर-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने फीता काटकर यातायात माह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस एवं यातायात विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने सड़क सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक हैं। जनवरी से अक्टूबर 2026 तक इटावा में सड़क दुर्घटनाओं में 230 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का प्रयोग न करना और तेज गति से वाहन चलाना शामिल है। गंभीर सिर की चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण कई बार समय पर अस्पताल पहुंचाने के बावजूद लोगों की जान नहीं बचाई जा पाती।
उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनाने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों को तब तक वाहन न दें, जब तक वे यातायात नियमों को समझने और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने में सक्षम न हों। उन्होंने बच्चों से भी अपील की कि वे अपने परिवार के सदस्यों को हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें।
जिलाधिकारी ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों पर ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं अन्य वाहन खड़े करने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्य मार्गों पर प्रवेश करते समय और चौराहों एवं जंक्शनों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन और सड़क पर अनुशासन अपनाकर अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात माह का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। पूरे महीने जनपद में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यातायात माह को अब केवल चालान तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील की। साथ ही तेज गति और नशे की हालत में वाहन चलाने से बचने की सलाह दी।
एसएसपी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को बिना पर्याप्त जानकारी और प्रशिक्षण के वाहन न दें। उन्होंने कहा कि सड़क पर अपनी गति और वाहन पर नियंत्रण रखना जरूरी है, ताकि दूसरे वाहन चालक की गलती होने पर भी स्वयं को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्टंटबाजी को जीवन के लिए गंभीर खतरा बताते हुए युवाओं से इससे दूर रहने की अपील की।

एसएसपी ने राहगीर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने से किसी को पीछे नहीं हटना चाहिए। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मदद करने वाले नेक व्यक्तियों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से संरक्षण एवं प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।
उन्होंने यातायात पुलिस को ई-रिक्शा, टेंपो, ट्रक सहित विभिन्न प्रकार के वाहन चालकों के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने यातायात नियमों पर आधारित नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर लोगों को जागरूक किया। बच्चों ने हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने जागरूकता रैली का फीता काटकर शुभारंभ किया और हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
कार्यक्रम के माध्यम से आमजन से अपील की गई कि यातायात नियमों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सड़क सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
इस अवसर पर एसपी सिटी बबिता सिंह, सीओ ट्रैफिक राम गोपाल शर्मा, प्रभारी निरीक्षक यातायात संजय सिंह सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, पुलिस एवं यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
