आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत जनपद में ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 3390 बैलेट यूनिट, 2163 कंट्रोल यूनिट तथा 2186 वीवीपैट उपलब्ध हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में इनमें से 2016 बैलेट यूनिट, 2016 कंट्रोल यूनिट एवं 2016 वीवीपैट की एफएलसी कराई जाएगी। यह प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर लगभग 10 अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। एफएलसी का कार्य प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी का कार्य बेल कंपनी द्वारा नामित छह इंजीनियरों की टीम करेगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उप जिला निर्वाचन अधिकारी, इटावा को एफएलसी सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित पंजिका एनेक्सचर-4 में दर्ज की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एफएलसी हॉल में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन, स्मार्ट ग्लासेज सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एफएलसी हॉल में ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। एफएलसी हॉल और परिसर में धूम्रपान पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की ओर से प्रतिदिन केवल एक प्रतिनिधि को एफएलसी हॉल में प्रवेश की अनुमति होगी।
एफएलसी के बाद भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रतिशत के अनुसार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। मशीनों का चयन रेंडम आधार पर किया जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मशीनों के रेंडम चयन एवं चिन्हांकन की प्रक्रिया देखने का अवसर मिलेगा। इच्छुक प्रतिनिधि स्वयं भी मॉक पोल में भाग ले सकेंगे।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक प्रतिशत मशीनों में 1200 वोट, दो प्रतिशत मशीनों में 1000 वोट तथा दो प्रतिशत मशीनों में 500 वोट डालकर मॉक पोल कराया जाएगा। मॉक पोल की प्रक्रिया के संबंध में राजनीतिक दलों से एनेक्सचर-8, 9 एवं 10 में निर्धारित प्रमाण-पत्र प्राप्त किए जाएंगे।
एफएलसी में सही पाई जाने वाली ईवीएम एवं वीवीपैट पर हरे रंग का स्टीकर, जबकि एफएलसी में अस्वीकृत मशीनों पर लाल रंग का स्टीकर लगाया जाएगा। एफएलसी में ओके पाई गई कंट्रोल यूनिट पर पिंक पेपर सील लगाई जाएगी। इस सील पर एफएलसी इंजीनियर, एफएलसी सुपरवाइजर तथा उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न कराई जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी प्रक्रिया में सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सहित भाजपा से कृपा नारायण तिवारी एवं संजीव भदौरिया, कांग्रेस से आशुतोष दीक्षित एवं वाचस्पति द्विवेदी, समाजवादी पार्टी से उदयभान सिंह यादव, आम आदमी पार्टी से इकरार अहमद, बसपा से राघवेंद्र अवस्थी एवं हरिओम शाक्य, अपना दल से डॉ. हरिशंकर पटेल एवं मुकेश कुमार सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
