जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले 31 दिवसीय अभियान के सफल एवं सुचारू आयोजन के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का मूल भाव ‘सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ है। उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के 10 वर्षों के विकास कार्यों एवं बदलावों को प्रमाणिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर त्रिस्तरीय समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान की जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक साप्ताहिक समीक्षा की जाए तथा प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट शासन एवं राज्य स्तरीय पोर्टल पर अपलोड की जाए। संबंधित विभागों को विधानसभा-वार, विकासखंड-वार और ग्राम पंचायत-वार उपलब्धियों का प्रमाणिक डेटा-बैंक तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कोविड टीकाकरण सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की अद्यतन सूची तैयार करने, विकास योजनाओं से आए बदलावों के ‘पहले और बाद’ के फोटो, वीडियो एवं रील संकलित करने पर जोर दिया गया। युवाओं को 60 सेकंड की रील बनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पंचायती राज संस्थाओं तथा ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) से जुड़ी सफलता की कहानियों का भी अभिलेखन कराया जाएगा।
अभियान के तहत विभिन्न तिथियों पर 13 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितंबर को शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग कल्याण कार्यक्रम होंगे। नागरिकों से घरों, मंदिरों, घाटों एवं पार्कों में दीप प्रज्वलित करने की अपील की जाएगी।
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच ‘नमो सेवा गाथा’ के तहत सांस्कृतिक टोलियों द्वारा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। 2 अक्टूबर को विशेष मंचन होगा। इसी अवधि में ‘आंगन का उत्सव’ के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय उत्सव एवं पोषाहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों की 60 सेकंड की रील तैयार की जाएंगी। वहीं ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स को विकास परियोजनाओं का भ्रमण कराया जाएगा।
7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के तहत प्रमुख चौराहों पर ‘सेवा ज्योति’ की स्थापना एवं रैलियां आयोजित होंगी। ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में नागरिक स्वच्छता, वृक्षारोपण, रक्तदान एवं 25 मिनट श्रमदान कर My Bharat Portal के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
विकासखंड स्तर पर सात दिवसीय ‘सेवा सेतु अभियान’ शिविर लगाए जाएंगे, जहां पात्रता का मौके पर सत्यापन किया जाएगा। ‘रंगोली राष्ट्र’ के तहत भारत मंडल एवं प्राकृतिक सामग्री से विशाल रंगोली तैयार की जाएगी। ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में युवाओं के लिए नवाचार प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवा महाकुंभ’ के साथ होगा, जिसमें पंचायत से लेकर संसद तक के प्रतिनिधियों के समागम का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
अभियान के दौरान जिले के प्रमुख ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर लेजर शो तथा प्रमुख तीर्थ स्थलों पर महायज्ञ एवं प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने 17 सितंबर को होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम को भव्य, गरिमापूर्ण और प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। राजकीय भवनों में दीप प्रज्वलन के साथ जनपद स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ को गंभीरता से लिया जा रहा है। इसलिए तैयारियों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, “सेवा संकल्प अभियान केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जन-जन को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने का अवसर है। अतः सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ शत-प्रतिशत निष्ठा से कार्य करें।”
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडेय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, संस्कृत एवं पर्यटन अधिकारी मोहित मनोहर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
