भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- आप भले ही कितने प्रभावशाली हों, लेकिन समाज में सेवक बनकर कार्य करिये। फिर देखिये आपको कितना यश और वैभव प्राप्त हो। इसका जीता जागता उदाहरण पवनसुत वीर हनुमान जी हैं। हनुमानजी ने सर्वशक्तिमान होने के बाबजूद भी मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्रीराम का सेवक बनकर कार्य किया। भक्ति और सेवक का परिणाम ऐसा कि आज विश्व में प्रभु श्रीराम से ज्यादा मन्दिर हनुमान जी के हैं।

उक्त बात कस्बा के विधूना रोड स्थित शक्तिपीठ श्री बालरूप हनुमान जी महाराज हनुमान गढी (छोला मन्दिर) पर आयोजित 45वें मंगल महोत्सव के दौरान महामण्डलेश्वर रामदास जी महाराज ने कही। बुढवा मंगल के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रम में शिरकत करने पहुँचे श्री दंदरौआ धाम के महन्त श्रीश्री 1008 महामण्डलेश्वर रामदास जी महाराज ने कहा कि प्रभु की भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि दंदरौआ सरकार हनुमान जी के ऐसे स्वरूप हैं, जिनकी कृपा से कई पीडित रोगमुक्त भी हुए हैं। सच्चे मन से की गई हनुमान जी की सेवा सदैव ही सकारात्मकता प्रदान करती है। इससे पूर्व मन्दिर समिति द्वारा उनका स्वागत सम्मान किया गया। इस मौके पर मन्दिर प्रबन्धक राजू चौहान, राजेश चौहान, राहुल दीक्षित, संजीव श्रीवास्तव, दीपू दीक्षित, राहुल यादव, नेक्से पोरवाल, आशू यादव, विक्की पोरवाल, बृजपाल सिंह जादौन, हरिहर भदौरिया, निशान्त पोरवाल, सनी श्रीवास्तव, सीटू यादव, गोविन्द शारदा आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
