नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग में स्थापित अत्याधुनिक ‘ह्यूमन मिल्क बैंक’ का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) एस.पी. सिंह एवं डीन प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुनीबा अलीम ने किया।
कार्यक्रम के दौरान बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार की उपस्थिति में ह्यूमन मिल्क बैंक के प्रभारी डॉ. रमेश कुमार ने इस नई सुविधा की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिल्क बैंक विशेष रूप से समय से पूर्व जन्मे (प्रीमैच्योर), कम वजन वाले तथा किसी कारणवश मातृ दुग्ध से वंचित नवजात शिशुओं के लिए अत्यंत लाभकारी और जीवनदायी साबित होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ह्यूमन मिल्क बैंक के माध्यम से जरूरतमंद नवजातों को सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया से संरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके पोषण स्तर में सुधार होगा और विभिन्न स्वास्थ्य जटिलताओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि यूपीयूएमएस सैफई लगातार आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। ह्यूमन मिल्क बैंक की स्थापना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी तथा नवजात शिशुओं के समुचित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विश्वविद्यालय की इस अभिनव पहल को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा न केवल नवजात शिशुओं के जीवन को सुरक्षित बनाने में सहायक होगी, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।
