उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीजयवीर सिंह ने सोमवार को कानपुर मंडल में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। समीक्षा बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹31.80 करोड़ लागत की 25 पर्यटन विकास परियोजनाओं का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।

बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में कानपुर नगर की सात, इटावा की पांच, कानपुर देहात की पांच, कन्नौज की तीन, फर्रुखाबाद की तीन तथा औरैया की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा देना है।
मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का लक्ष्य केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये तक की लागत वाली सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं नवंबर 2026 तक गुणवत्ता के साथ पूरी कर ली जाएं तथा जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए।
### इटावा के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास का प्रस्ताव
पर्यटन विभाग द्वारा इटावा जनपद में गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब श्री मां सती मंदिर तथा बलवंतेश्वर महादेव मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के पर्यटन विकास के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन परियोजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
कानपुर नगर में सबसे अधिक सात परियोजनाएं
कानपुर नगर में सबसे अधिक सात पर्यटन परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इनमें बिठूर का ज्वाला देवी मंदिर बिल्हौर का शंखुला देवी मंदिर कल्याणपुर का भूतेश्वर महादेव मंदिर और घाटमपुर का मां फूलमती मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाएं शामिल हैं।
अन्य जिलों में भी पर्यटन सुविधाओं का विस्तार
कानपुर देहात में हनुमान धाम मंदिर,मां परहुल देवी मंदिर और शिव बागेश्वर मंदिर के विकास की योजना है। कन्नौज में प्राचीन शंकर मंदिर डोलेश्वरनाथ शिव मंदिर और मां शीतला देवी मंदिर को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। वहीं फर्रुखाबाद में प्राचीन शिव मंदिर श्री सीताराम ठाकुरद्वारा मंदिर और श्री राम जानकी मंदिर के विकास प्रस्ताव रखे गए हैं। औरैया में राम जानकी मंदिर के विकास के साथ जिला पर्यटन कार्यालय स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
संस्कृति विभाग ने रखे तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव
बैठक में संस्कृति विभाग ने कमालगंज के रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण फर्रुखाबाद में संग्रहालय स्थापना तथा कन्नौज में बाल संग्रहालय निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इन योजनाओं से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शैक्षिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
फर्रुखाबाद केदफरपुर वेटलैंड के निकट लगभग ₹4 करोड़ लागत की ईको-टूरिज्म परियोजना की भी समीक्षा की गई। प्रस्तावित परियोजना मेंनेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, वॉच टावर, योगा पवेलियन, गज़ेबो और अन्य पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे क्षेत्र में प्राकृतिक पर्यटन और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान वर्ष 2024-25 और 2025-26 में स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री जयवीर सिंह ने जिला अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा पर्यटन, संस्कृति और ईको-टूरिज्म के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की है। कानपुर मंडल की यह समीक्षा प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
