आगामी 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस तथा 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 एवं जुलाई माह में प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जनपद इटावा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट बिपिन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आशंका व्यक्त की गई थी कि कुछ असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी को दृष्टिगत रखते हुए एकपक्षीय रूप से निषेधाज्ञा लागू की गई है।
जारी आदेश के तहत 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक जनपद में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के अवैध रूप से एकत्र होने अथवा समूह में चलने पर प्रतिबंध रहेगा। किसी भी व्यक्ति को आग्नेयास्त्र, लाठी, डंडा, चाकू, तेजधार हथियार, पटाखे, बम अथवा हिंसा में प्रयुक्त होने वाली अन्य सामग्री लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। शस्त्रों के खुले प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, कानून व्यवस्था में लगे सरकारी कर्मचारी तथा वृद्ध एवं रुग्ण व्यक्तियों को आवश्यक छूट प्रदान की गई है।
आदेश में सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप अथवा अन्य माध्यमों से किसी प्रकार की भ्रामक, भड़काऊ, घृणा फैलाने वाली अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी। आपदा संबंधी झूठी अथवा भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।
इसके अलावा रेल, बस, टेम्पो अथवा अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को रोकने, सड़क जाम करने, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्कूलों, कॉलेजों एवं सरकारी या गैर-सरकारी संस्थानों को जबरन बंद कराने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। राजनीतिक उद्देश्यों से आयोजित जाति आधारित रैलियों एवं ऐसे आयोजनों पर पूर्ण रोक रहेगी, जिन्हें लोक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल माना गया है।
परीक्षाओं को लेकर विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर की परिधि में अनाधिकृत रूप से किसी व्यक्ति के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं परीक्षा केंद्रों से 500 मीटर की दूरी के भीतर स्थित साइबर कैफे, फोटो कॉपी एवं प्रिंटिंग की दुकानें परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखी जाएंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर रोक रहेगी तथा परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, संचार उपकरण और अन्य आईटी गैजेट्स ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना जाएगा। यह आदेश संपूर्ण जनपद इटावा में 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि इसे पूर्व में निरस्त न कर दिया जाए।
