इटावा। Uttar Pradesh University of Medical Sciences के नर्सिंग संकाय द्वारा मिशन निरामया मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मेंटी संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाना तथा शिक्षण एवं संस्थागत विकास को बढ़ावा देना रहा।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को प्रदर्शन मानकों, कार्ययोजना निर्माण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा सामुदायिक आधारित अभ्यासों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने विभिन्न अकादमिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और संस्थागत सुधार के उपाय बताए।
कार्यक्रम में शामिल फैकल्टी सदस्यों को प्रभावी शैक्षणिक एवं संस्थागत विकास के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों में नई कार्यप्रणालियों और गुणवत्ता सुधार संबंधी कौशल का विकास हुआ, जिससे भविष्य में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
नर्सिंग संकाय के अधिकारियों ने बताया कि मिशन निरामया के तहत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और दरंतर बढ़ावा मिल सकेक्षता को नि
इटावा। Uttar Pradesh University of Medical Sciences के नर्सिंग संकाय द्वारा मिशन निरामया मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मेंटी संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की प्रक्रियाओं को मजबूत बनाना तथा शिक्षण एवं संस्थागत विकास को बढ़ावा देना रहा।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को प्रदर्शन मानकों, कार्ययोजना निर्माण, शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं तथा सामुदायिक आधारित अभ्यासों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने विभिन्न अकादमिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और संस्थागत सुधार के उपाय बताए।
कार्यक्रम में शामिल फैकल्टी सदस्यों को प्रभावी शैक्षणिक एवं संस्थागत विकास के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों में नई कार्यप्रणालियों और गुणवत्ता सुधार संबंधी कौशल का विकास हुआ, जिससे भविष्य में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
नर्सिंग संकाय के अधिकारियों ने बताया कि मिशन निरामया के तहत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और दक्षता को निरंतर बढ़ावा मिल सके
