भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- जीवन में नशा करना है, तो प्रभु की भक्ति का करिये। जो आपको व आपकी पीढियों को भवसागर से पार लगायेगी। कुछ ही समय में उतरने वाली नशीली वस्तुओं का नशा करने से क्या फायदा, जो आपको सामाजिक, मानसिक, आर्थिक, पारिवारिक, शारीरिक सभी रूपों से कमजोर बनाती है।

उक्त बात ऊँ श्री पागलबाबा गंगासागर धाम पर आयोजित नौमंजिला श्री पागलबाबा मंदिर शिखर पूजन एवं पंचतत्व हरिहर महायज्ञ के दौरान जगतगुरू पीठाधीश्वर रामस्वरूपाचार्य (कामदगिरि पीठ चित्रकूट धाम) ने प्रवचन के दौरान उपस्थितजनों से कही। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अंजनीपुत्र पवनसुत वीर हनुमान जी ने राम नाम का नशा किया और इसी के बल से वह वीरों के वीर महावीर कहलाये। उन्होंने कहा कि आप जिस किसी भगवान को मानें, उन पर विश्वास करें। ईश्वर से प्रेम करें। देखिये आपकी समस्त बाधायें धीरे-धीरे कैसे समाप्त होने लगेंगी। इससे पूर्व कार्यक्रम संयोजक मुख्य न्यासी श्याम सुन्दर चौरसिया ने आगन्तुक पीठाधीश्वर आचार्य जी का तिलक वन्दन व माल्यार्पण कर स्वागत सम्मान किया। बताते चलें कि उक्त धार्मिक अनुष्ठान में विद्वान सन्तों का समागम निरन्तर चल रहा है। जहाँ सैकडों की संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरूष सहभागिता करके पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
