इटावा, 26 मई 2026। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में अपर जिलाधिकारी विपिन कुमार की अध्यक्षता में आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की आईजीआरएस रैंकिंग, शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता तथा विभागवार प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद का कुल औसत प्रदर्शन प्रतिशत वर्तमान में 57 प्रतिशत है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इटावा जनपद प्रदेश के बॉटम टेन जिलों में शामिल हो सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा आईजीआरएस की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा पिछले तीन माह से जनपद की रैंकिंग में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दो पंक्तियों में जवाब देकर शिकायतों को बंद करने की प्रवृत्ति से बचना होगा और शिकायतकर्ताओं को उनकी समस्याओं का स्पष्ट एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद को मात्र 15 अंक प्राप्त हो रहे हैं और माह समाप्त होने में केवल पांच दिन शेष हैं, इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता से कार्य करें।
बैठक में विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या सबसे अधिक होने तथा लगभग 60 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं द्वारा असंतुष्ट फीडबैक दिए जाने पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। एडीएम ने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं से शालीनता और संवेदनशीलता के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही होती है और सरकारी सेवक होने के नाते अधिकारियों का दायित्व है कि वे शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट करें।
जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग की 16 शिकायतों में से 10 में असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हुआ है, जिसे गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं समाज कल्याण विभाग में लगभग 70 प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि शिकायतों के समाधान के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट करना भी आवश्यक है।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से आईजीआरएस पोर्टल का अवलोकन करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विभागों में वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, वहां की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनपद की रैंकिंग में और गिरावट आती है तो यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति होगी। सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी और मेहनत के साथ कार्य कर जनपद की रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपजिलाधिकारी न्यायिक राकेश कुमार, जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, एआरटीओ प्रदीप देशमणि, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
