मंगलवार की दोपहर क्षेत्र के ग्राम रपटपुर में एक कूड़े के ढेर में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तेज गर्म हवाओं के चलते आग आसपास के गेहूं की खड़ी पकी फसल में फैल गई और कुछ ही समय में आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल को अपने आगोश में समेटे लिया। गेहूं की फसल में भीषण आग की लपटें देख किसानों में बुरी तरह हाहाकार मच गया और ग्रामीण अपने निजी संसाधनों के साथ आग बुझाने घटनास्थल अपने अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े। भीषण अग्निकांड की खबर से पूरे जनपद के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जिस पर जनपद भर की दमकल मशीनें घटनास्थल पर पहुंच गई और करीब 4 से 5 घंटे तक धधकती भीषण आग पर बमुश्किल काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक किसान की हजारों बीघा गेहूं की फसल भीषण आग में जलकर स्वाह हो गई।
घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब रपटपुर गांव में कूड़े के ढेर में आग लगी और गर्म तेज हवा फैलते हुए ग्राम नगला भोज, नगला अंते, नगला मुकुटपुरा, नगला सरस्वती और ग्राम सालिमपुर सहित आधा दर्जन गांवों के किसानों के खेतों तक पहुंच गई। खेतों में आग लगते ही किसानों में हाहाकार के बीच अफरा-तफरी मच गई और वे अपने निजी संसाधनों से आग बुझाने में जुट गए।

सूचना मिलते ही भरथना फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तेज गर्म हवाओं के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। हालात बिगड़ते देख तहसील ताखा से एक और इटावा से दो अतिरिक्त दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर आग बुझाने में जुट गई, कुल चार दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब 5 घंटे में आग पर काबू पाया। भीषण आग की चपेट में नगला अंते के किसान जयवीर का मकान भी आ गया, जहां कमरे में रखा भूसा और अन्य घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। जब तक दमकल टीम आग पर काबू पाती, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
इस दौरान ग्राम निवासी ट्रैक्टर चालक विमलेश ने साहस दिखाते हुए ट्रैक्टर चलाकर आग के बीच पहुंचकर बुझाने में मदद की। हालांकि ट्रेक्टर चालक विमलेश आग बुझाने के दौरान मामूली रूप से झुलस भी गए, लेकिन समय रहते बाहर निकल आए। उनके साहस को देखते हुए तहसीलदार दिलीप कुमार और थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने प्रोत्साहन राशि देकर विमलेश को सम्मानित किया।
आग से कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। सालिमपुर के प्रधान इंद्रपाल की 28 बीघा में से 14 बीघा फसल जल गई। वहीं सुरेश की 8 बीघा, सुरेंद्र पाल की 5 बीघा, सुरेश चंद्र की 6 बीघा, रमेश की 5 बीघा, उमेश की 5 बीघा, जगदीश की 8 बीघा, जवाहर सिंह की 6 बीघा और रवींद्र की 7 बीघा गेहूं की फसलें भी जलकर राख हो गईं। नगला मुकुटपुरा और नगला अंते के कई अन्य किसानों की गेहूं की फसलें जलकर राख हो गई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी काव्या सी, तहसीलदार दिलीप कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी रामदवन मौर्य और प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए और व्यवस्था में जुट गए। वहीं राजस्व विभाग की टीमें किसानों के नुकसान का आंकलन करने में जुट गईं। अग्निकांड के दौरान अधिकारियों ने स्वयं खेतों में पहुंचकर गेहूं के गट्ठों को बचाने में मदद की।
उपजिलाधिकारी काव्या सी ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और स्थिति अब सामान्य है। प्रभावित किसानों के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है, जिसके बाद मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
