कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आज बाबा साहेब का 135वां जन्मदिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने उनके जीवन संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए और गरीब, महिलाओं, युवाओं तथा किसानों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सर्वोपरि माना और उनका मूल मंत्र था कि “दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को शिक्षा जरूर दिलाओ।” जिलाधिकारी ने बताया कि डॉ. अंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू में 14 अप्रैल को हुआ था और उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी शिक्षा पूरी कर समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।

जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा साहेब ने स्वतंत्र भारत को एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाने में संविधान निर्माण के माध्यम से अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने जीवनभर पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन संजय वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
