सुदामा चरित्र के साथ भागवत कथा का समापन:लखना नया नहर पुल पार हनुमान मंदिर में हुई कथा, शनिवार को होगा भंडारा

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बकेवर:- नगर लखना के नया नहर पुल पार हनुमान मंदिर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथावाचक पंडित रामकृष्ण वाजपेयी ने विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन दिए। उन्होंने सातवें दिन श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन किया गया। कथा वाचक आचार्य पं रामकृष्ण वाजपेयी ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाए यह भगवान श्रीकृष्ण सुदामा से समझा जा सकता हैं। सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचा। द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे द्वार पर द्वार पालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह कृष्ण के मित्र हैं।

इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना, प्रभु सुदामा-सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे। वहीं सामने सुदामा सखा को देखकर अपने सीने से लगा लिया।

सुदामा ने भी कन्हैया-कन्हैया कहकर उन्हें गले लगाया और सुदामा को अपने महल में ले गए और उनका अभिनंदन किया। इस दृश्य को देखकर श्रोता भाव विभोर हो गए। उन्होंने सुदामा और कृष्ण की झांकी पर फूलों की वर्षा की। इस अवसर पर परीक्षित मुन्नी देवी ओमनारायण त्रिपाठी सहित नगर व आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोग कथा का श्रवण कर रहे हैं। वहीं इस मौके पर आयोजक पवन तिवारी (गुरुजी) आशू तिवारी फौजी ने बताया कि कल 11 अप्रैल को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। सभी लोग प्रसाद ग्रहण करें।

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Shivam Shukla
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