शिक्षा का मंदिर या लूट का अड्डा? कमीशनखोरी से गिरती स्कूलों की साख

Share This

इटावा में स्कूलों की किताबों को लेकर इस साल भी हालात नहीं बदले, लेकिन इस बार अभिभावकों का गुस्सा पहले से कहीं ज्यादा साफ और खुलकर सामने आ रहा है। हर साल की तरह वही पुरानी व्यवस्था—स्कूल तय करेंगे कि किताबें कहां से खरीदनी हैं, दुकानदार तय करेगा कि कितने पैसे देने हैं, और अभिभावक मजबूरी में बिना सवाल किए भुगतान करेगा। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार लोग चुप रहने के मूड में नहीं हैं और अब खुलकर इस पूरी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

पिछले दो महीनों से “इटावा लाइव” लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, जिसका असर अब सोशल मीडिया पर साफ दिखाई दे रहा है। लगभग हर दिन कोई न कोई अभिभावक अपनी पीड़ा साझा कर रहा है, बिल की तस्वीरें पोस्ट कर रहा है और पूछ रहा है कि आखिर यह पढ़ाई है या खुली लूट। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ महंगाई का मामला नहीं है, बल्कि जबरन एक तय सिस्टम के तहत पैसे वसूले जा रहे हैं, जहां अभिभावकों के पास कोई विकल्प ही नहीं छोड़ा जाता।

इटावा निवासी शुशांत भदौरिया की पोस्ट ने इस पूरे मामले को और ज्यादा भड़का दिया। उन्होंने बताया कि कक्षा 7 की किताबों के लिए उन्हें करीब 6600 रुपये देने पड़े। जब उन्होंने दुकानदार से थोड़ी छूट की बात की, तो जवाब मिला कि इस रकम का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा स्कूल को देना पड़ता है। अगर यह दावा सही है, तो यह सिर्फ महंगी किताबों का मुद्दा नहीं, बल्कि एक संगठित कमीशनखोरी का संकेत है, जिसमें शिक्षा को कमाई का जरिया बना दिया गया है।

सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि यह सब खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से खामोश नजर आते हैं। न कोई जांच होती दिख रही है, न कोई ठोस कार्रवाई। हर साल यही सिलसिला दोहराया जाता है और हर बार अभिभावक ही इसकी कीमत चुकाते हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा, या फिर जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है।

भले ही स्कूलों ने कमीशनखोरी से इस वर्ष भी 10 करोड़ से अधिक अभिभावकों बसूल लिए हो लेकिन उनकी छवि को बहुत बड़ा धक्का लगा है। लोग उनके संचालको को हेय द्रष्टि से देखने लगे है। उनका जो सम्मान लोगो से था वह लगभग समाप्त सा हो गया है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि जो संस्थान शिक्षा के मंदिर कहे जाते थे, वही अब कमाई के अड्डे जैसे लगने लगे हैं। अगर ये प्रयास जारी रहे तो निश्चित है की अगले वर्ष इस लुट से अभिभावकों को निजात मिल जाएगी।

Share This
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

15 वीं शताव्दी में इटावा

इस शताव्दी में जोनपुर के शासको ओर दिल्ली सिहासन के विभिन्न अभिलाषियो के बीच बराबर संघर्ष होते रहे इटावा जिलो दोनों राज्यों की सीमा...

शिक्षाविद

नमिता तिवारी: एक महिला सशक्तिकरण के चमकते सितारे का अद्भुत सफ़र

नमिता तिवारी का जन्म 4 जुलाई 1969 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के मुबारकपुर गांव में हुआ। उनके पिता का नाम श्री अरविन्द...

राजनीतिज्ञ

नीतू नारायन मिश्रा : जिला उपाध्यक्ष महिला मोर्चा एवं आदर्श समाजसेविका  

नीतू मिश्रा का जन्म 12 अगस्त 1987 को इटावा जिले में हुआ। उनके पिता का नाम विनोद शर्मा हैं और माता का नाम मीरा...

प्रशासनिक अधिकारी

अजय कुमार गौतम(IAS), मुख्य विकास अधिकारी, इटावा, कवि हृदय और एक कुशल प्रशासक

शिक्षा और प्रारंभिक जीवन: अजय कुमार गौतम का जन्म 11 सितंबर 1995 को सिद्धनगर, गंजडुंडवारा, कासगंज, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनकी शिक्षा बाबा कढ़ेरा सिंह...

प्रमुख संस्थान

ओम नवजीवन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेण्टर, इटावा

बच्चों की सेहत एक परिवार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसकी देखभाल में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इटावा शहर में स्थित ओम...

चिकित्सक

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा : बेहतरीन चिकित्सक, पर्यावरण के सरंक्षक और क्रिकेट प्रेमी

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक जिला पुलिस चिकित्सालय इटावा, का जन्म 6 जुलाई 1984 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री सर्वेश कुशवाहा...

चर्चित व्यक्तिव

K. Asif: भारतीय सिनेमा के अद्वितीय निर्माता और दिग्गज निर्देशक

भारतीय सिनेमा में कई ऐसे दिग्गज निर्देशक हुए हैं, जो उन्हें एक अनुपम पहचान देने में सफल रहे हैं। K. Asif भी उन दिग्गजों...

पत्रकार

जुनैद तैमूरी: पत्रकारिता में निष्ठा, पेशेवरता और समर्पण के प्रतीक

जुनैद तैमूरी: पत्रकारिता में निष्ठा, पेशेवरता और समर्पण के प्रतीक समाचार जगत में उन्मुक्त भविष्य की तलाश करने वाले पत्रकारों में से एक नाम हैं...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

उर्मिला शाक्य: “द लेडी कैफे” की प्रबंधक एवं ब्यूटी वेलनेस सेवाओं की अग्रणी विशेषज्ञ

उर्मिला शाक्य इटावा के बेहतरीन ब्यूटी सलून "The Lady Cafe- Makeup Studio, Salon and Academy"  की प्रबंधक हैं। वह ब्यूटी और वेलनेस सेवाओं में...

समाजसेवी

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

पूर्व अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी

प्रणता ऐश्वर्या (IAS): एक समर्पित और न्यायप्रिय प्रशासनिक अधिकारी प्रणता ऐश्वर्या 2019 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, और इटावा में मुख्य विकास अधिकारी के पद...