विश्व बाल शल्य चिकित्सा दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान बाल शल्य चिकित्सा विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों में होने वाली सामान्य शल्य रोग स्थितियों एवं जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान और उपचार के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत व्याख्यान, इंटरैक्टिव सत्रों एवं दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिभावकों और देखभालकर्ताओं को समय पर निदान एवं उपचार के महत्व की जानकारी दी गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने से कई जटिल बीमारियों का सफल उपचार संभव है।

इस अवसर को खास बनाने के लिए अस्पताल में भर्ती बच्चों के साथ विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं और उन्हें उपहार वितरित किए गए, जिससे उनके चेहरे खिल उठे।

यूपीयूएमएस प्रशासन ने बताया कि संस्थान बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शल्य चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने तथा जनजागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
