जनपद में गौ संरक्षण व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में गौशालाओं की व्यवस्थाओं, पशुओं के चारे, पेयजल तथा देखभाल से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर हरे चारे की बुवाई कराई जाए तथा सभी गौशालाओं में हरा चारा अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में पशुओं के लिए शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्थिति में पशुओं को असुविधा न हो।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से चरागाह के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे वहां हरे चारे की बुवाई कर गौशालाओं के लिए चारे की स्थायी व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशाला में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त भूसा, पशुओं के लिए छाया तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।
उन्होंने भूसादान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि गौशालाओं में भूसे की किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सभी गौशालाओं को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि गौशालाओं में गायों को भूसा पानी के साथ मिलाकर ही दिया जाए तथा कैटल कैचर समय से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जो केयर टेकर अपने कार्यों का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जाए। इसके अतिरिक्त सभी उप जिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर भी नियमित रूप से समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी धर्मेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रोहित कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चन्द्र, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
