नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई, साथ ही पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस विषय पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेषकर एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति तथा पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है और विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। इसी तरह एलएनजी भी अलग-अलग देशों से मंगाई जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें फिलहाल अपरिवर्तित रखी गई हैं और जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए ‘एंटी-डायवर्जन’ अभियान चलाया जा रहा है।
सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शनों के विस्तार पर भी जोर दिया है। गर्मियों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए 7-8 गीगावाट क्षमता वाले गैस आधारित संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए रेक की संख्या में वृद्धि की गई है।
बैठक में कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा हुई। उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूरिया उत्पादन बनाए रखने तथा डीएपी और एनपीकेएस के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से समन्वय बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकारों को उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के अनुसार, पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कीमतों की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। सब्जियों और फलों सहित कृषि उत्पादों की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है।
ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक पहल जारी है।
बैठक में संकट के दौरान सही जानकारी के प्रसार और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय और रीयल-टाइम संचार पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इस वैश्विक संकट का प्रभाव देशवासियों पर न्यूनतम रखा जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खरीफ और रबी दोनों मौसमों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की कमी न होने दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही और प्रमाणिक जानकारी का निरंतर प्रवाह बनाए रखा जाए।
