पाकिस्‍तानी ‘नरसंहार’ को भूल नहीं रहे तारिक रहमान, भारत विरोधी यूनुस की ‘दोस्‍ती’ पर फेरा पानी

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ढाका: पाकिस्‍तान के साथ ‘दोस्‍ती’ करने वाले मोहम्‍मद युनूस को बांग्‍लादेश के नए पीएम तारिक रहमान ने बड़ा झटका द‍िया है। तारिक रहमान ने एक बार फिर लिबरेशन डे पर पाकिस्‍तानी सेना के साल में 1971 में किए गए ‘सुन‍ियोजित नरसंहार’ को याद किया है। तारिक रहमान ने कहा कि 1971 में पाकिस्‍तानी सेना का कार्रवाई ‘इतिहास के सबसे घृणित नरसंहारों में से एक है।’ उन्‍होंने बुधवार को नरसंहार द‍िवस पर यह बयान देकर पाकिस्‍तान और उसके शासकों को अपना सख्‍त संदेश दे दिया। शेख हसीना के देश छोड़कर भारत में शरण लेने के बाद मोहम्‍मद यूनुस ने दिल्‍ली के विरोध में पाकिस्‍तान के साथ दोस्‍ती बढ़ानी शुरू कर दी थी। यूनुस सरकार पाकिस्‍तानी सेना के किए नरसंहार को किनारे कर अपने उच्‍च सैन्‍य अधिकारियों को इस्‍लामाबाद भेज रहे थे।
तारिक रहमान ने एक्‍स पर लिखे अपने पोस्‍ट में पाकिस्‍तानी सेना के ऑपरेशन सर्च लाइट के दौरान निहत्‍थे बांग्‍लादेशियों की हत्‍या को क्रूर दिनों के रूप में याद किया। उनके इस बयान से साफ है कि तारिक रहमान पाकिस्‍तानी सेना के ऑपरेशन सर्चलाइट को भूलने के लिए तैयार नहीं हैं। यह पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बीच रिश्‍तों में तनाव की प्रमुख वजह रहा है। दशकों से बांग्‍लादेश पाकिस्‍तान से माफी मांगने के लिए कह रहा है लेकिन पाकिस्‍तानी सेना इसके लिए तैयार नहीं है।

पाकिस्‍तान का कहना है कि यह मामला आपसी संधियों के जरिए सुलझ चुका है लेकिन बांग्‍लादेश अपनी माफी मांगने की मांग पर अड़ा हुआ है। असल में यह तारिक रहमान के पिता जिआ उर रहमान थे जिन्‍होंने ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्‍तानी सेना के खिलाफ विद्रोह किया था। जिआ उर रहमान उस समय पाकिस्‍तानी सेना में एक मेजर रैंक के अधिकारी थे। 27 मार्च 1971 को जिआ उर रहमान ने तत्‍कालीन बंगाली राष्‍ट्रवाद के नेता शेख मुजीबुर रहमान की ओर से कालूरघाट रेडियो स्‍टेशन से बांग्‍लादेश की आजादी का ऐलान कर दिया था। उन्‍होंने बाद में बांग्‍लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान एक प्रमुख कमांडर की भूमिका निभाई थी।

तारिक रहमान ने इस नरसंहार को ‘पूर्व नियोजित नरसंहार’ करार दिया। उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वे आजादी के संघर्ष के आदर्शों को बरकरार रखें और देश को एक लोकतांत्रिक देश बनाएं। बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान के बीच 1971 के मुक्ति युद्ध को लेकर लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्‍ते रहे हैं। मोहम्‍मद युनूस ने सत्‍ता में आने के बाद पाकिस्‍तान के साथ बहुत तेजी से रिश्‍ते बनाए थे ताकि भारत को किनारे किया जा सके। दोनों देशों ने एक दशक बाद सचिव स्‍तर पर बातचीत की थी। दोनों ने सार्क को शुरू करने पर जोर दिया था जिसका भारत विरोध करता है। पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बीच दशकों बाद सीधी उड़ान शुरू हो गई है।

मोहम्मद यूनुस पाकिस्‍तान से कर रहे थे दोस्‍ती- वहीं अब तारिक रहमान की बीएनपी सत्‍ता में आ गई है जो दशकों से पाकिस्‍तान के साथ संबंधों को लेकर व्‍यवहारिक रवैया अपनाती रही है। शेख हसीना ने जहां पाकिस्‍तान से दूरी बना रखी थी, वहीं बीएनपी की द‍िवंगत नेता खालिदा जिया पाकिस्‍तान के साथ रिश्‍ते रखती थीं। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया था कि साल 2025 पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बीच रिश्‍ते में टर्निंग प्‍वाइंट साबित हुआ है। उन्‍होंने कहा कि इस साल में रिश्‍ते में जमी बर्फ पिघली है। डार ने पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश को ‘भाई’ करार दिया था। शहबाज शरीफ और मोहम्‍मद युनूस के बीच कई बार व‍िभिन्‍न मंचों पर मुलाकात भी हुई थी। युनूस ने जोर दिया था कि बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान अपने दशकों से चल रहे विवाद को खत्‍म करें।

 

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