अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े एक प्रकरण को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट काटने की साजिश और शिकायत करने पर पीड़ित के साथ मारपीट की गई तथा बाद में थाने पर अभद्र व्यवहार किया गया।
प्रेस वार्ता में मौजूद शिवपाल सिंह यादव भी इस दौरान उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार, 199 जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड ताखा के ग्राम रतहरी निवासी कुतुबुद्दीन पुत्र रियाजुद्दीन ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के नाम मतदाता सूची से हटाने के उद्देश्य से विरोधियों द्वारा फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरकर जमा किया गया। इसकी शिकायत उन्होंने उपजिलाधिकारी ताखा से की थी।
आरोप है कि शिकायत से नाराज होकर नारायण सिंह पुत्र जहर सिंह ने कुतुबुद्दीन के साथ मारपीट की। इसके बाद कुतुबुद्दीन, धुर्व यादव चीनी के साथ थाना भरथना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाना प्रभारी भरथना ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय गाली-गलौज करते हुए उन्हें थाने से भगा दिया। इसी मुद्दे को अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बताया गया कि पीड़ित को लेकर जिला समाजवादी पार्टी के एसआईआर प्रभारी उदय भान सिंह यादव, विधायक प्रतिनिधि ताखा ब्लॉक धुर्व यादव चीनी, संदीप यादव लालू, आशु यादव, प्रधान नवी आलम, रामजीवन यादव और आलोक यादव सहित अन्य कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे और पार्टी नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
